खरड़ को बताया पहली प्राथमिकताप्रेस नोटतारीख:
अजीत सिंह नगर (मोहाली ) 3 मार्च 2026 : विधानसभा हल्का खरड़ से वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह शेरगिल ने 2 मार्च 2026 तक मिल्कफेड पंजाब के चेयरमैन के रूप में अपनी सेवाएं देने के उपरांत पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने 28 फरवरी को पार्टी के निर्देशानुसार अपना इस्तीफा सौंपा था, जिसे 2 मार्च को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया।जारी बयान में शेरगिल ने कहा कि उनके लिए हल्का खरड़ सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने बताया कि इस्तीफे की सूचना के बाद उन्हें हजारों की संख्या में फोन कॉल और संदेश प्राप्त हुए। प्रत्येक व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से जवाब देना संभव न होने के कारण उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से सभी समर्थकों, साथियों और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया।शेरगिल ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि 27 सितंबर 2022 को जब उन्होंने चेयरमैन का कार्यभार संभाला था, उस समय मिल्कफेड की वार्षिक टर्नओवर लगभग 4200 करोड़ रुपये थी, जो वर्तमान में बढ़कर 6800 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि संस्था में पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता देते हुए भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया गया।उन्होंने बताया कि भगवंत मान के सहयोग से पहली बार मिल्कफेड को प्रतिवर्ष 100-100 करोड़ रुपये की सरकारी सहायता प्रदान की गई, जिससे दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक मजबूती मिली। साथ ही, पिछली सरकारों द्वारा सीटीसी के माध्यम से निजीकरण की प्रक्रिया को रोककर हजारों कर्मचारियों के हितों की रक्षा की गई तथा लगभग पांच हजार नई भर्तियों का मार्ग प्रशस्त हुआ।शेरगिल ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान किसानों, मजदूरों और सभी वर्गों को साथ लेकर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम किया। उन्होंने जल्द ही मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट के बाद आगे की रणनीति साझा करने की बात कही।












