बठिंडा, 7 मार्च (आजाद वाणी):पिछले महीने गांव जिउंद में भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की अगुवाई में एकत्र हुए मजदूरों और किसानों पर पुलिस द्वारा किए गए अंधे ज़ुल्म तथा संघर्ष करने के अधिकार पर लगाई गई पाबंदियों के खिलाफ आज बठिंडा की सड़कों पर बड़ा जनसमूह उतर आया। सैकड़ों महिलाओं सहित हजारों किसानों, मजदूरों और कर्मचारियों ने जबरदस्त जोश के साथ रोष प्रदर्शन करते हुए पुलिस द्वारा लोगों में दहशत फैलाने के मंसूबों को नाकाम करार दिया।प्रदर्शन से पहले पड्डा ग्राउंड में हुए विशाल एकत्र को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जिउंद में पुलिस कार्रवाई के दौरान नौजवान चरणजीत सिंह की टांग बुरी तरह तोड़ दी गई और नौजवान प्रनीत सिंह का हाथ गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। वक्ताओं ने एसएसपी ज्योति यादव समेत जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज करने की जोरदार मांग की।उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की कि जिउंद घटना के लिए सार्वजनिक माफी मांगी जाए, संघर्ष करने के लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगी पाबंदियां हटाई जाएं, घायलों के इलाज और हुए नुकसान की भरपाई की जाए तथा आंदोलनों के दौरान संघर्षरत लोगों पर दर्ज किए गए केस वापस लिए जाएं।आज के इस एकत्र ने हाल ही में गुरदासपुर पुलिस द्वारा नौजवान रणजीत सिंह को कथित फर्जी पुलिस मुठभेड़ में मारने की कड़ी निंदा करते हुए इस मामले की जांच हाईकोर्ट के मौजूदा जज से करवाने और दोषी पुलिस अधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग भी की।इस मौके पर बड़े जनसमूह को किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां, हरिंदर बिंदू, शिंगारा सिंह मान, किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के सतनाम सिंह पन्नू, बीकेयू क्रांतिकारी की नेता सुखविंदर कौर, बीकेयू डकौंदा के मनजीत सिंह धनेर, पंजाब खेत मजदूर यूनियन के लछमन सिंह सेवेवाला, पंजाब किसान यूनियन के नेता रुलदू सिंह मानसा, देहाती मजदूर सभा के प्रकाश सिंह नंदगढ़, कुल हिंद किसान सभा के बलकरण सिंह बराड़, किरती किसान यूनियन के राजिंदर सिंह दीप सिंह वाला, ऑल इंडिया किसान सभा के किरणजीत सिंह सेखों, सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु कुमार, जमहूरी अधिकार सभा के नेता प्रीतपाल सिंह, टेक्निकल सर्विसेज यूनियन भंगला के किशन सिंह, पीएसयू ललकार की नेता परमिंदर कौर, पावरकॉम एंड ट्रांसको यूनियन के नेता बलिहार सिंह कटारिया, जल सप्लाई एंड सैनिटेशन कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन के वरिंदर सिंह मोमी, पूर्व सैनिक क्रांतिकारी यूनियन के चंद सिंह, जमहूरी किसान सभा के नेता जगजीत सिंह घुम्मण, जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी के नेता बिक्कर सिंह हथोआ, क्रांतिकारी किसान यूनियन के हरभजन सिंह बुट्टर, तर्कशील सोसाइटी पंजाब के राजिंदर सिंह भदौड़, बीकेयू एकता डकौंदा (बुर्ज गिल) के बलदेव सिंह भाईरूपा, क्रांतिकारी किसान यूनियन के हरिंदर सिंह चनार्थल, मोल्डर एंड स्टील वर्कर यूनियन के नेता हरजिंदर सिंह, पल्स मंच के नेता अमोलक सिंह, डेमोक्रेटिक मुलाजिम फेडरेशन के नेता गुरमीत सिंह सुखपुरा, सीटू के नेता शेर सिंह फरवाही, मजदूर मुक्ति मोर्चा पंजाब के नेता गोबिंद सिंह छाजली, बीकेयू एकता आजाद के नेता जसविंदर सिंह लोंगोवाल, बीकेयू मालवा के नछत्तर सिंह जैतो, बीकेयू भटेरी के गुरध्यान सिंह, मेडिकल प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन के नेता धन्ना मल गोयल, क्रांतिकारी ग्रामीण मजदूर यूनियन के नेता कुलवंत सिंह सेलबराह, बीकेयू राजेवाल के नेता गोरा सिंह, ग्रामीण मजदूर यूनियन के तरसेम पीटर, दलित एवं मजदूर मुक्ति मोर्चा के नेता जुगराज सिंह टल्लेवाल तथा पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन के नेता बलकार सिंह सहित कई अन्य नेताओं ने संबोधित किया।जिउंद ज़बर में गंभीर रूप से घायल हुए चरणजीत सिंह और प्रनीत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वे इस ज़ुल्म को डटकर सहते हुए जन संघर्षों में पहले से भी अधिक मजबूती के साथ शामिल होंगे।
जिउंद ज़बर के खिलाफ बठिंडा की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब












