चंडीगढ़, 23 अप्रैल — गर्मी की शुरुआत के साथ ही शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ाने लगी है। पानी का प्रेशर लगातार गिर रहा है, जिससे ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में पर्याप्त पानी न मिलने से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर नगर निगम के पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर और वार्ड-24 के पार्षद जसबीर सिंह बंटी तथा पार्षद प्रेमलता ने सेक्टर-39 और सेक्टर-37 स्थित पब्लिक हेल्थ वाटर वर्क्स का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जल आपूर्ति तंत्र में कई गंभीर खामियां उजागर हुईं।
पार्षदों ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब लोगों को मूलभूत सुविधाएं ही नहीं मिल पा रहीं, तो हर साल पानी के दाम बढ़ाना अनुचित है। उन्होंने चेताया कि अभी गर्मी का मौसम शुरू ही हुआ है और हालात पहले से ही बिगड़ने लगे हैं।
पानी की कमी के कारण लोग टैंकरों पर निर्भर हो रहे हैं, लेकिन टैंकर 7–8 घंटे की देरी से पहुंच रहे हैं। इससे घरों, स्कूलों और खासकर बुजुर्गों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पार्षदों ने यह भी सवाल उठाया कि हर साल बढ़ती मांग के बावजूद निगम समय रहते तैयारी क्यों नहीं करता और नए टैंकरों की व्यवस्था क्यों नहीं की जाती।
निरीक्षण में सामने आया कि कई जगहों पर इलेक्ट्रिक पैनल खराब हैं, जिससे सप्लाई बाधित हो रही है। शहर के विभिन्न वाटर वर्क्स में लगी करीब 60% मशीनरी पुरानी और जर्जर हो चुकी है, जिसकी वजह से सिस्टम की कार्यक्षमता में 30–40% तक गिरावट आई है। पिछले दो वर्षों से कोई व्यापक मरम्मत या नियमित मेंटेनेंस नहीं किया गया।
मुख्य उपकरण जैसे पंप, मोटर, इलेक्ट्रिक पैनल और स्लूइस वाल्व खराब हालत में हैं। वहीं, सक्शन और डिलीवरी पाइपलाइन पिछले 20 वर्षों से नहीं बदली गई हैं और केवल अस्थायी मरम्मत के सहारे काम चल रहा है। पब्लिक हेल्थ विभाग में अनुभवी अधिकारियों की कमी भी स्थिति को और गंभीर बना रही है।
पार्षद जसबीर सिंह बंटी ने बताया कि वर्ष 2020 में शुरू हुआ स्मार्ट सिटी मिशन प्रोजेक्ट अब तक अधूरा है और मरम्मत कार्यों के लिए पर्याप्त वित्तीय अधिकार भी नहीं दिए गए। इसके बावजूद 1 अप्रैल से पानी के बिल बढ़ा दिए गए हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में शहर को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही निरीक्षण में कई स्थानों पर लीकेज, खराब बैक वॉटर वाल्व और जंग लगी मशीनरी भी मिली, जो रखरखाव की कमी को साफ दर्शाती है।












