पंचकूला, 20 अप्रैल, 2026: Akshaya Tritiya के पावन अवसर पर पुरुषोत्तम दास रुंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा फेज़-I, पंचकूला इंडस्ट्रियल एरिया में 212वां ‘अन्न भंडारा’ आयोजित किया गया। यह आयोजन ट्रस्ट की समाज सेवा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता और मानवीय मूल्यों के प्रति उसके समर्पण को दर्शाता है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों को ताज़ा और पौष्टिक भोजन वितरित किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों और स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे पूरे वातावरण में सेवा और सहयोग की भावना देखने को मिली।
ट्रस्ट के संस्थापक एवं समाजसेवी Amitabh Rungta ने इस आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अक्षय तृतीया के दिन किया गया दान-पुण्य विशेष फलदायी माना जाता है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों को भोजन कराना इस पर्व को मनाने का सबसे सार्थक तरीका है।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे सेवा कार्य न केवल समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में भी आशा की किरण जगाते हैं। ट्रस्ट का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक सहायता पहुंचाना है और इसी दिशा में यह प्रयास लगातार जारी है।
अक्षय तृतीया को हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पवित्र पर्व माना जाता है। यह दिन समृद्धि, दानशीलता और शुभता का प्रतीक है, जिस पर किए गए पुण्य कार्यों का फल अक्षय यानी कभी समाप्त न होने वाला माना जाता है।
इस अन्न भंडारे के दौरान सैकड़ों लोगों को प्रेम और सम्मान के साथ भोजन परोसा गया। स्वयंसेवकों ने पूरी लगन के साथ इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया और सेवा भाव का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और ट्रस्ट के प्रयासों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन सामाजिक एकता और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं।
ट्रस्ट द्वारा आयोजित यह 212वां अन्न भंडारा इस बात का प्रमाण है कि संस्था लगातार समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही है। इस प्रकार के आयोजन जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान साफ-सफाई और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे सभी लाभार्थियों को व्यवस्थित और सम्मानजनक तरीके से भोजन प्राप्त हो सके।
कुल मिलाकर, पुरुषोत्तम दास रुंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट का यह प्रयास न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह समाज में सेवा, करुणा और मानवता के मूल्यों को भी सशक्त रूप से स्थापित करता है।












