चंडीगढ़ के सेक्टर-30 स्थित Sant Nirankari Mission के निरंकारी भवन में ‘मानव एकता दिवस’ के उपलक्ष्य में एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसने मानव सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। इस आयोजन को Sant Nirankari Charitable Foundation द्वारा श्रद्धापूर्वक आयोजित किया गया, जो Baba Gurbachan Singh की पावन स्मृति को समर्पित था।
इस रक्तदान शिविर में समाज के हर वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। युवाओं में जहां जोश देखने को मिला, वहीं महिलाओं और बुजुर्गों ने भी समान उत्साह के साथ रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। पूरे वातावरण में सेवा, समर्पण और मानवता की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी।
शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक करना और जरूरतमंद मरीजों के लिए पर्याप्त रक्त उपलब्ध कराना था। आयोजकों ने यह सुनिश्चित किया कि रक्तदान की प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से हो, जिससे हर प्रतिभागी को सहज और सकारात्मक अनुभव प्राप्त हो।
इस आयोजन में समाजसेवी Gurcharan Singh विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र बने रहे। उन्होंने इस शिविर में 35वीं बार रक्तदान कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। उनकी यह उपलब्धि न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।
पिछले 30 वर्षों से नियमित रूप से रक्तदान करते आ रहे गुरचरण सिंह ने बताया कि रक्तदान उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा कार्य है, जिससे न केवल दूसरों की जान बचाई जा सकती है, बल्कि स्वयं को भी मानसिक संतोष मिलता है।
उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि रक्तदान को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना आवश्यक है। उनके अनुसार, रक्तदान करने से शरीर को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है और शरीर को सक्रिय बनाए रखता है।
गुरचरण सिंह ने विशेष रूप से Thalassemia से पीड़ित बच्चों का उल्लेख किया, जिन्हें नियमित रूप से रक्त की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों के जीवन को बचाने के लिए समाज के हर व्यक्ति को आगे आकर रक्तदान करना चाहिए, ताकि किसी भी जरूरतमंद को रक्त की कमी का सामना न करना पड़े।
शिविर के दौरान डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों की टीम ने पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ रक्त संग्रह की प्रक्रिया को अंजाम दिया। सभी स्वास्थ्य मानकों का पालन करते हुए यह सुनिश्चित किया गया कि रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में हो।
इस आयोजन में शामिल लोगों ने न केवल रक्तदान किया, बल्कि दूसरों को भी इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित किया। कई लोगों ने पहली बार रक्तदान कर एक नई शुरुआत की, जिससे उनके भीतर आत्मविश्वास और समाज सेवा की भावना और मजबूत हुई।
अंततः यह रक्तदान शिविर केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह मानवता, एकता और सहयोग का जीवंत उदाहरण बन गया। Sant Nirankari Mission और Sant Nirankari Charitable Foundation के इस प्रयास ने यह सिद्ध कर दिया कि जब समाज एकजुट होकर कार्य करता है, तो किसी भी चुनौती का सामना आसानी से किया जा सकता है और मानव सेवा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है।












