गुरदासपुर एनकाउंटर मामले में DGP पेश; अदालत ने 34 एनकाउंटरों की एक जैसी कहानी पर उठाए सवाल
चंडीगढ़: 6 मार्च 2026 ( Azad Vaani )– पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरदासपुर में 19 वर्षीय युवक रणजीत सिंह के कथित पुलिस एनकाउंटर मामले में कड़ा रुख अपनाया है। आज हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
अदालत की तीखी टिप्पणियां
सुनवाई के दौरान माननीय न्यायाधीश ने भावुक होते हुए पुलिस को चेतावनी दी। अदालत ने कहा, “हम अपनी आंखें बंद नहीं कर सकते। मृतक केवल 18–19 साल का युवक था।” अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी आरोपी को सजा देना अदालत का अधिकार क्षेत्र है, पुलिस खुद जज बनने की कोशिश न करे। अदालत ने हैरानी जताई कि हर एनकाउंटर की कहानी एक जैसी क्यों होती है? वकील ने अदालत को बताया कि नवंबर से जनवरी के बीच हुए करीब 34 एनकाउंटरों की कहानी आपस में मिलती-जुलती है।
डीजीपी (DGP) ने रखा पक्ष
अदालत में पेश हुए पंजाब के डीजीपी ने बताया कि मामले की गहराई से जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया गया है। घटना के समय पुलिस हथियार बरामद करने गई थी और उस समय 3 से 4 कर्मचारी मौजूद थे। यह मामला पहले ही सीजेएम (CJM) गुरदासपुर की निगरानी में है।
हाईकोर्ट ने पुलिस को असली दोषियों और इन घटनाओं के पीछे मौजूद ‘मास्टरमाइंड’ लोगों को पकड़ने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने डीजीपी को दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है। मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी, जिसमें डीजीपी को फिर से उपस्थित होना पड़ेगा।












