एस.ए.एस. नगर, 10 मार्च (Azadi Vaani)— पंजाब मुलाज़िम और पेंशनर्स संयुक्त फ्रंट के आह्वान पर लगातार तीसरे दिन भी कर्मचारी विरोधी बजट के खिलाफ प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान मोहाली के फेज-6 में रैली करने के बाद विधानसभा की ओर रोष मार्च निकाला गया। हालांकि चंडीगढ़ पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को चंडीगढ़ में प्रवेश करने से पहले ही रोक लिया।इस अवसर पर रैली को संबोधित करते हुए संयुक्त फ्रंट के राज्य कन्वीनर धनवंत सिंह भट्ठल, जर्मनजीत सिंह, गगनदीप सिंह भुल्लर, बाज सिंह खैहरा, सुरजीत सिंह गग्गड़ा और हरभजन सिंह खुंगर ने कहा कि पंजाब सरकार लगातार कर्मचारियों, पेंशनरों और मानभत्ता वर्करों की मांगों को नजरअंदाज कर रही है, जिसके कारण सभी कर्मचारी और पेंशनर तीखा संघर्ष करने के लिए मजबूर हो गए हैं।उन्होंने कहा कि मानभत्ता वर्करों पर न्यूनतम वेतन कानून लागू न करना, पंजाब के विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्डों और कॉरपोरेशनों में काम कर रहे कच्चे, ठेका और आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित न करना, पेंशनरों पर 2.59 का गुणांक लागू न करना, 16% महंगाई भत्ता जारी न करना, जनवरी 2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों पर पुरानी पेंशन स्कीम लागू न करना और 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों को पंजाब के वेतनमान लागू न करना जैसे मुद्दों को लेकर कर्मचारियों और पेंशनरों में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि अपने अंतिम बजट में भी पंजाब सरकार ने इन मांगों को लेकर कोई घोषणा नहीं की, जिससे कर्मचारियों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया गया है।संयुक्त फ्रंट के नेताओं अतिंदरपाल घग्गा और परमजीत कौर मान ने कहा कि पंजाब सरकार से जुड़ी मांगों के साथ-साथ नई शिक्षा नीति 2020, बिजली बिल संशोधन 2025 और चार लेबर कोड जैसे जन-विरोधी और कर्मचारी-विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखा जाएगा।इस मौके पर राकेश शर्मा, लवप्रीत बल्ली, कुलदीप सिंह, हरदीप टोडरपुर, एन.डी. तिवाड़ी, मलागर खमाणों, विक्रम देव सिंह खन्ना, सुरिंदर कंबोज, हरदीप शर्मा, बिकर सिंह माखा, गुलजार खान, चरणजीत सिद्धू, सतनाम सिंह रंधावा, सुखविंदर सिंह दोदा, हंस राज गर्ग, हरप्रीत सिंह संधू, जेल सिंह और अविनाश शर्मा सहित अन्य मौजूद थे।
संयुक्त फ्रंट के आह्वान पर मोहाली में सरकार के वादों वाले बजट का विरोध तीसरे दिन भी जारी


