विश्व शांति और आपसी भाईचारे के लिए साम्राज्यवाद के विरुद्ध एकजुट होने का आह्वानप्रो.
मोहम्मद खालिद और अन्य वक्ताओं ने भगत सिंह के विचारों की वर्तमान प्रासंगिकता पर डाला
प्रकाशचंडीगढ़/मोहाली, 28 मार्च 2026: (Azad Vaani) विश्व भर के 100 से अधिक देशों में शांति के लिए कार्यरत संस्था ‘वर्ल्ड पीस काउंसिल’ की भारतीय इकाई ‘ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडैरिटी ऑर्गनाइजेशन’ (ऐप्सो) की पंजाब यूनिट द्वारा आज चंडीगढ़ के चीमा भवन में एक विशेष सेमिनार आयोजित किया गया। शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस को समर्पित इस कार्यक्रम को ‘साम्राज्यवाद विरोधी दिवस’ के रूप में मनाते हुए वक्ताओं ने वर्तमान युग की चुनौतियों के विरुद्ध आवाज़ बुलंद की।सेमिनार के मुख्य वक्ता, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के राजनीति विज्ञान विभाग के पूर्व प्रमुख प्रोफेसर मोहम्मद खालिद ने अपने संबोधन में उपनिवेशवाद और साम्राज्यवाद के खतरनाक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा, “अमेरिकी साम्राज्यवाद ने इराक, लीबिया और ईरान जैसे देशों को निशाना बनाकर जो लूट-तंत्र स्थापित किया है, उसके विरुद्ध वैश्विक स्तर पर जागरूकता पैदा करना समय की मुख्य आवश्यकता है। भगत सिंह के विचार आज भी हमें इस आर्थिक गुलामी के विरुद्ध लड़ने का रास्ता दिखाते हैं।”कार्यक्रम की अध्यक्षता ऐप्सो के संरक्षक प्रोफेसर रविंदर शर्मा ने की और मंच संचालन पंजाब के महासचिव श्री रोशन लाल मोदगिल ने किया। मुख्य वक्ता ने देश में बढ़ रही सांप्रदायिकता और पूंजीवादी हमलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शहीदों के सपनों का समाज केवल तर्कशीलता और धर्मनिरपेक्षता के साथ ही बनाया जा सकता है।इस अवसर पर ऐप्सो के राष्ट्रीय महासचिव हरचंद सिंह बाठ, महासचिव पंजाब श्री रोशन लाल मोदगिल, प्रो. बलविंदर सिंह टिवाणा, महासचिव एडवोकेट जसपाल सिंह दप्पर और सचिव ऐप्सो पंजाब एडवोकेट लवनीत ठाकुर ने भी अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम आम लोगों को उनके क्रांतिकारी विचारों से जोड़ें और देश की वास्तविक आर्थिक एवं सामाजिक स्वतंत्रता की लड़ाई को तेज करें।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए और देश की एकता, अखंडता तथा आपसी भाईचारे को बनाए रखने का संकल्प लिया।





