पंजाब में गेहूं की खरीद का सीजन शुरू होते ही आढ़तियों की मांगें एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि आढ़तियों से जुड़े मुद्दों को केंद्र सरकार के सामने मजबूती से उठाया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य के आढ़तियों ने भुगतान प्रणाली, कमीशन और खरीद प्रक्रिया से संबंधित कई समस्याएं सरकार के सामने रखी हैं। इन मांगों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब देश के प्रमुख अनाज उत्पादक राज्यों में से एक है और यहां की मंडियों में हर साल बड़ी मात्रा में गेहूं की खरीद होती है। ऐसे में आढ़तियों की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों, आढ़तियों और मंडी व्यवस्था से जुड़े सभी पक्षों को संतुलित तरीके से लाभ मिले और किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
सरकार का कहना है कि आढ़तियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर केंद्र सरकार के साथ चर्चा की जाएगी। इसके लिए जल्द ही संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक भी की जा सकती है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह भी कहा कि किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से की जा रही हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि यदि आढ़तियों की समस्याओं का समाधान समय रहते किया जाए तो गेहूं खरीद प्रक्रिया और अधिक सुचारु हो सकती है।
मंडी बोर्ड और अन्य संबंधित विभागों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे खरीद प्रक्रिया के दौरान आने वाली समस्याओं पर नजर रखें और तुरंत समाधान करें।
आढ़तियों के संगठनों ने भी उम्मीद जताई है कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से केंद्र के सामने रखेगी और जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
इस बीच राज्य सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित मंडियों में ही अपनी फसल लेकर आएं, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके और सभी को समय पर लाभ मिल सके।












